वृद्धि वर्द्धक

विशेषतः छोटे और मध्यम आकार की नई इकाइयों को मदद दे आईटी उद्योग की वृद्धि में एसटीपीआई की भूमिका सराहनीय रही है।

 एस.टी.पी योजनाः एक कैटेलिस्ट  

एसटीपी योजना कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के विकास और निर्यात के लिए 100 प्रतिशत निर्यातोन्मुख योजना है। इसमें संचार या भौतिक साधनों का उपयोग कर पेशेवर सेवाओं का निर्यात भी समाविष्ट है। यह योजना अपने आप में अनोखी योजना है क्योंकि इसके केन्द्र में एक उत्पाद/क्षेत्र (कंप्यूटर सॉफ्टवेयर) है। यह योजना सरकार के 100 प्रतिशत निर्यातोन्मुख इकाई (ईओयू), निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र (ईपीजेड) और विज्ञान/तकनीकी उद्यान की अवधारणा को उसी प्रकार एकरूपता देती है, जिस प्रकार दुनिया के अन्य हिस्सों में यह परिचालित है।

एसटीपीआई की उपस्थिति, एसटीपी योजना और सरकारी पहल के आदेशात्मक रूप में क्रियान्वयन से देश से बाहर होने वाला सॉफ्टवेयर निर्यात जो कि 1992-93 में 20 से 35 प्रतिशत था, 70 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। इसमें राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर कंपिनयों के योगदान का 73 प्रतिशत एसटीपीआई सदस्य कंपिनयों का है।

वस्तुतः मॉरिशस, श्रीलंका, नेपाल, अल्जीरिया, इंडोनेशिया आदि इसी अवधारणा पर ऐसे ही सॉफ्टवेयर पार्क लगाने हेतु एस.टी.पी.आई की मदद ले रहे हैं।