भारतः एक नजर

भारत धनी सांस्कृतिक विरासत और बहुमूर्तिदर्शी विविधता वाला दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। आजादी के बाद 62 वर्षों में इसने चहुमुखी सामाजिक और आर्थिक प्रगति की है।

भारत तकनीकी कार्य क्षमता की दृष्टि से एक बड़े मूल्य-प्रतियोगी के रूप में विकसित हुआ है, जो कि विदेशी निवेश के लिए अनुकूल है। स्थाई लोकतांत्रिक वातावरण के कारण आजादी के बाद 50 वर्षों में गुणवान तकनीकी कर्मियों का बड़ा प्रतिभा समूह इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

सरकार लगातार आसान और प्रोत्साहित करने वाली नीतियों और फलती-फूलती अर्थव्यवस्था के द्वारा आईटी उद्योग के प्रति अपने समर्पण को सुदृढ़ता प्रदान कर रही है।  मानव संसाधनों की उपलब्धता के कारण भारत के पास अपनी संभावनाओं को लेकर उत्साही होने की तमाम वजहें हैं।

सामान्य तथ्य

भारत दुनिया का 7वां सबसे बड़ा देश है। पर्वत और समुद्र इसे एशिया के अन्य हिस्से से अलग करते हैं। इस कारण इसे भौगोलिक रूप से विशिष्ट पहचान मिली है। प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण भारत लंबे समय से आधुनिक सभ्यता का अगुआ माना जाता रहा है। संसदीय लोकतंत्र वाले भारत का समाज बहुभाषी और धर्मनिरपेक्ष है।

इस फलती-फूलती अर्थव्यवस्था में दक्ष कामगारों की भी कमी नहीं है।

  • क्षेत्रफल : 3.39 मिलियन वर्ग किलोमीटर
  • राजधानीः नई दिल्ली
  • सरकारः संसदीय लोकतंत्र
  • राजनीतिक तंत्रः 1950 में बने संविधान के अनुसार द्विसदनात्मक संसदीय तंत्र और इसकी तीन शाखाओं का प्रावधानः कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका।  संघीय स्वरूप। राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में चयनित सरकार।
  • तैयार कपड़े, चमड़े की वस्तुएं, हीरे-जवाहरात और कृषि उत्पाद के अलावा काजू, सॉफ्टवेयर, परिवहन उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक और धातु से बनी वस्तुएं यहां के तेजी से बढ़ते निर्यात का मुख्य हिस्सा हैं।
  • जनसंख्याः 1,166 मिलियन (2009)
  • जनसंख्या वृद्धि दर : 1.548 प्रतिशत
  • जनसंख्या घनत्व : 324 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
  • जीवन प्रत्याशा: पुरुष 62 साल,  महिला 64 साल
  • शिक्षा दर : 65.38  प्रतिशत
  • भाषाएं : भारत का समाज बहुभाषी है। यहां मुख्य रूप से 18 भाषाएं बोली जाती हैं। हिन्दी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। करीब 38 प्रतिशत लोग हिन्दी भाषी हैं। अंग्रेजी को व्यावसायिक भाषा के रूप में तरजीह प्राप्त है।
  • मुख्य धर्म : हिन्दुओं की अधिकता है, लेकिन मुसलमान, सिख, ईसाई और बौद्ध भी अच्छी तादाद में हैं।
  • अंतऱराष्ट्रीय हवाईअड्डे : नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, कोच्ची, हैदराबाद, बंगलूरू और तिरुवनंतपुरम।
  • मुख्य पत्तन: कोलकाता, चेन्नई, कांडला, कोच्ची, मुंबई, मरमगांव, न्यू मंगलोर, पारादीप और विशाखापत्तनम।
  • जलवायु : मुख्यतः उष्णकटीबंधीय, देश के अधिकतर भागों में तापमान 10 से 40 डिग्री के बीच।
  • समय क्षेत्र : जीएमटी +5 1/2 घंटे।
  • मुद्रा : भारतीय रुपया।

आर्थिक पार्श्वचित्र

परचेजिंग पॉवर पेयरिटी(पीपीपी) के हिसाब से भारत दुनिया की चौथी सबसे बढ़ी अर्थव्यवस्था है। मानवीय संसाधनों की प्रचुरता, प्राकृतिक संसाधनों की विविधता और मैक्रो–इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के कारण यह निवेश और व्यापार के लिए दुनिया के सबसे ज्यादा आकर्षक गंतव्य है।

आर्थिक मंदी से बिना किसी गहरे प्रभाव के उबरने और आईटी उद्योग व उभरते टेलीकॉम उद्योग द्वारा लगातार बेहतर प्रदर्शन की सहायता से अर्थव्यवस्था लगातार अग्रसर।

  • सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (2004-05 की स्थिर कीमतों पर) वर्ष 2009-10 में  44,53,064 करोड़ रुपए (अनुमानित)
  • जीडीपी (चालू कीमतों पर) वर्ष 2009-10 के लिए -57,91,268 करोड़ (अनुमानित)
  • वर्ष 2009-10 के दौरान प्रति व्यक्ति आय (2004-05 की स्थिर कीमतों पर) - 33,540 रुपए (अनुमानित)
  • चालू कीमतों पर वर्ष 2009-10 के दौरान प्रति व्यक्ति आय- 43,749 रुपए (अनुमानित)
  • 2008-09 में क्षेत्रवार जीडीपी संरचनाः सेवा क्षेत्र 57.0%, कृषि 17.1%, और उद्योग 25.9%
  • विदेशी मुद्रा रिजर्व : अमेरिकी $ 279.2 अरब (12 फरवरी, 2010 को समाप्त हुए सप्ताह के लिए)
  • निर्यात: अमेरिकी $ 117.59 बिलियन (अप्रैल-दिसंबर 2009)  
  • आयात: अमेरिकी $ 193.83 बिलियन (अप्रैल-दिसंबर 2009)
  • 2009-10 के दौरान विदेशी निवेश: 20.92 बिलियन डॉलर (अप्रैल-2009-दिसंबर2009)
  • मुख्य निर्यात : सूती धागे और कपड़े, तैयार कपड़े, चमड़े की वस्तुएं हीरे-जवाहरात और कृषि उत्पाद के अलावा काजू, सॉफ्टवेयर, परिवहन उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक और धातु से बनी वस्तुएं यहां के तेजी से बढ़ते निर्यात का मुख्य हिस्सा हैं।
  • निर्यात का मुख्य बाजार : ओईसीडी में अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, और बेल्जियम। ओपीईसी में ईरान, कुवैत और सऊदी अरब। लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में चिली, ब्राजील, अर्जेनटीना और मैक्सिको। एशियाई क्षेत्र में चीन, हांगकांग, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और श्रीलंका।

भारत की पेशकशः प्रतियोगात्मक लाभ

  • गुणी मानवीय संसाधन- भारतीय प्रोग्रामर अपनी तकनीकी दक्षता के लिए जाने जाते हैं और वे अपने ग्राहकों के अनुसार अनुकूलन के लिए तत्पर रहते हैं।
  • दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र।
  • नई तकनीक के प्रति अनुकूलता।
  • स्थिर राजनैतिक वातावरण और उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र।
  • सुविकसित अनुसंधान व विकास ढांचे के साथ तकनीकी व विपणन सेवाएं।
  • प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और मौसमी विविधता।
  • विदेशी निवेश का दूसरा सबसे आकर्षक स्थल।
  • क्षेत्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए सार्क जैसे संगठनों के द्वारा क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच।
  • ऊर्जा, परिवहन और आंकड़ा संप्रेषण में विकसित देशों के हिसाब की विश्व स्तरीय आधारभूत सुविधा।
  • मजबूत माइक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल।
  • गणित और विज्ञान पर जोर देने वाला सुस्थापित शिक्षा तंत्र। परिणामतः विज्ञान और इंजीनियरिंग स्नातकों की अधिकता।
  • विकसित बैंकिंग तंत्र, वाणिज्यिक बैंकों के तंत्र में 63 हजार से ज्यादा शाखाएं राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर वित्तीय प्रतिष्ठानों द्वारा समर्थित।
  • कम कीमत, ऊंची गुणवत्ता, प्रतियोगात्मक मूल्य।
  • अंग्रेजी बोलेने वाले पेशेवरों का बड़ा समूह।
  •  युवा देश, 2025 तक औसत उम्र 30 साल।
  • बड़ी संभावनाओं वाला अनछुआ बाजार।  
  • निवेशकों को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां और प्रेरक योजनाएं। ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, सॉफ्टवेयर, तेल व गैस और अनुसंधान व विकास जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में विशेष निवेश और कर प्रोत्साहन।
  • प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर संरचना का तार्किक और प्रगतिशील तरीके से सरलीकरण।
  • आयात शुल्क में कटौती।
  • पूरी तरह चालू खाते में बदलाव।
  • बैद्धिक संपदा अधिकार के लिए कानूनी संरक्षण।
  • श्रेणीबद्ध अदालत, स्थापित व स्वतंत्र न्यायपालिका।