एसटीपी योजना

एसटीपी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के विकास और निर्यात के लिए 100 प्रतिशत निर्यातोन्मुख योजना है। इसमें भौतिक माध्यम या संचार जुड़ाव द्वारा व्यवसायिक सेवाओं का निर्यात भी शामिल है।  

यह योजना अनोखी प्रकृती की है क्योंकि यह उत्पाद या क्षेत्र पर केन्द्रित है। जैसे कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर। यह योजना सरकार की 100 प्रतिशत निर्यात आधारित इकाई (ईओयू) और निर्यात प्रक्रिया क्षेत्र (ईपीजेड) की अवधारणा और विज्ञान/तकनीकी उद्यान की अवधारणा को उसी तरह एकीकृत करती है जैसे दुनिया के अन्य हिस्सों में है।  

"एसटीपी स्कीम की अनोखी विशिष्टता यह है कि यह सदस्य इकाइयों को एक बिन्दु संपर्क सेवा उपलब्ध कराती है, ताकि वे अपना कार्य उसी गति से कर सकें जैसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होता है। "

योजना लाभ व मुख्य बातें

  • मंजूरी एकल खिड़की स्वीकृति योजना के तहत दी जाती है ।
  • एक कंपनी भारत में कहीं भी एसटीपी इकाई स्थापित कर सकती है।
  • क्षेत्राधिकार एसटीपीआई अधिकारी 100 मिलियन से कम भारतीय निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी देते हैं।
  • 100% विदेशी इक्विटी की अनुमति है।
  • एसटीपी इकाइयों में सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का आयात शुल्क मुक्त है। पूंजीगत माल के आयात की भी अनुमति दी गई है।
  • पूंजीगत माल के पुनर्निर्यात की भी अनुमति है।
  • सरलीकृत न्यूनतम निर्यात निष्पादन मानदंड यानी, "सकारात्मक निवल विदेशी मुद्रा अंतरण आय"
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए कंप्यूटर प्रणाली के उपयोग की अनुमति।
  • शर्त यह है कि कोई कंप्यूटर टर्मिनल एसटीपी परिसर के बाहर स्थापित न किया जाए।  
  • घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) में निर्यात मूल्य के 50 प्रतिशत तक बिक्री की अनुमति दी जाएगी।
  • एसटीपी इकाइयों को कॉर्पोरेट आय कर के भुगतान से 2011 तक छूट है।
  • घरेलू टैरिफ क्षेत्र से खरीदी गई वस्तुओं पर उत्पाद शुल्क और केन्द्रीय बिक्री कर (सीएसटी) पर छूट जैसे लाभ।
  • विदेशी उद्यमियों द्वारा पूंजी निवेश, जानकारी शुल्क, अधिशुल्क, लाभांश आदि आय कर भुगतान के बाद उनके देश प्रत्यावर्तित (ले जाने)  करने की अनुमति।  
  • कंप्यूटर और इसके सहायक उपकरण आदि आयात के दो साल बाद बिना किसी शुल्क भुगतान के मान्यता प्राप्त गैर व्यवसायिक शैक्षिक संस्थाओं, धर्मार्थ अस्पतालों, सार्वजनिक पुस्तकालयों, सार्वजनिक वित्त पोषित पंजीकृत अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान, भारत सरकार, राज्य या संघ शासित प्रदेश के किसी संगठन को भी शुल्क के भुगतान के बिना दान किए जा सकते है।
  • पूंजीगत वस्तु पर पाँच साल की अवधि में 100% मूल्यह्रास।

ईएचटीपी स्कीम

अपने उत्पाद और सेवाओं का 100 प्रतिशत निर्यात करने वाली इकाइयाँ इस योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क में स्थापित की जा सकती हैं। ऐसी इकाइयाँ निर्माण व सेवा कार्य कर सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक  हार्डवेयर के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बनी इस नीति के अनुरूप ऐसी इकाइयों को लगाने हेतु उपरोक्त योजना के तहत प्रोत्साहन दिया जाएगा।

योजना लाभ और मुख्य बातें

  • ईएचटीपी इकाई निर्यात-आयात नीति में परिभाषित ड्यूटी से मुक्त सभी वस्तुओं, पूंजीगत माल सहित, का आयात कर सकते हैं जो कि इसके द्वारा निर्माण, सेवा,  उत्पादन और प्रसंस्करण या इस संबंध में आवश्यक हों।
  • ईएचटीपी इकाइयों को स्वीकृत गतिविधि के लिए पूंजीगत वस्तु समेत शुल्क मुक्त आयात या किसी ग्राहक से उधार लेने की अनुमित होगी।
  • ईएचटीपी इकाइयाँ निर्यात-आयात नीति के अनुसार निर्माण, सेवा, उत्पादन और प्रसंस्करण या इस संबंध में आवश्यक वस्तुएं बंधित भंडार गृहों से शुल्क मुक्त खरीद सकते हैं।
  • निर्यात आय के खिलाफ सकारात्मक निवल विदेशी मुद्रा आय पांच साल की अवधि में हासिल किया जा सकता है।